कैलाश मानसरोवर पर्वत को भगवान शिव का घर समझा जाता है। चीन ने पहले दो जत्थों के लिए वीजा जारी कर दिया था लेकिन सीमा पर तनाव को देखते हुए शेष श्रद्धालुओं के आवेदनों पर रोक लगा दी थी। आगे की यात्रा के लिए चीन की मंजूरी का इंतजार करने के लिए नाथू ला में तीन दिन गुजारने के बाद पहला जत्था 23 जून को गंगटोक लौट गया। श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था गंगटोक से आगे नहीं गया और आखिर में श्रद्धालुओं से घर लौट जाने को कहा गया।

तीसरा जत्था जल्द ही दिल्ली से रवाना होने वाला था। चीन ने भारत के सामने पूर्व शर्त रखी है कि भारत के सिक्किम के पास दोकलाम इलाके से अपने सैनिक वापस बुलाने के बाद ही वह श्रद्धालुओं को तिब्बत में प्रवेश करने की मंजूरी देगा।














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