टीकाकार यह मानते हैं कि ट्रम्प ने बहुत मूर्खतापूर्ण फ़ैसला किया है इससे हालात बहुत ख़राब होंगे और इस्राईल की समस्याएं अधिक जटिल हो जाएंगे। ट्रम्प और इस्राईली सरकार को यह लग रहा है कि कुछ अरब सरकारों को दबाव में ले लेना काफ़ी है और इस तरह वह कुछ भी कर सकते हैं लेकिन यह ज़मीनी सच्चाई है कि इस्राईल के ख़िलाफ़ नफ़रत की चिंगारी लोगों में मौजूद थी जो अब ज्वाला बन गई है।





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