न्यूट्रिशनिस्ट कहते हैं कि फलों पर थोड़ा सा दालचीनी पाउडर छिड़कना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है, खासकर इसलिए क्योंकि यह प्रोसेस ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करने में मदद करता है।

न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, फलों में नैचुरली सिंपल शुगर होती है जो जल्दी से ब्लड में जाकर शुगर लेवल को तेज़ी से बढ़ा सकती है, हालांकि, दालचीनी मिलाने से ग्लूकोज सेल्स में बेहतर तरीके से एब्जॉर्ब होता है, जिससे शुगर लेवल अचानक बढ़ जाता है।
न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन के अनुसार, दालचीनी में पॉलीफेनॉल और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो डाइजेशन के लिए फायदेमंद होते हैं।
दालचीनी के और फायदे:
दिल की सेहत में सुधार
दालचीनी बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद करती है, जिसमें इसमें मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं।
पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट
दालचीनी में मौजूद इंग्रीडिएंट्स शरीर को इन्फ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।
बेहतर स्वाद, वह भी बिना चीनी के
दालचीनी सेब, केले और बेरी जैसे फलों में बिना एक्स्ट्रा कैलोरी मिलाए नैचुरल मिठास डालती है।
पाचन और इम्यूनिटी
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दालचीनी पाचन को बेहतर बनाती है और आंतों में नुकसानदायक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकती है।
न्यूट्रिशनिस्ट कहते हैं कि फल खाते समय, उनके हेल्थ बेनिफिट्स बढ़ाने के लिए उन पर नमक की जगह दालचीनी पाउडर छिड़कें।
नोट: यह आर्टिकल पढ़ने वालों की जानकारी के लिए पब्लिश किया गया है, हेल्थ से जुड़े मामलों में अपने डॉक्टर की सलाह मानें।



















