राफेल डील विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जजों ने कहा कि उन्हें 36 विमानों के सौदे और विमानों की तकनीकी में कोई कमी नहीं नजर आती है।

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान शीर्ष न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सौदे की खरीद प्रक्रिया में कोई कमी नहीं है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि कीमत देखना कोर्ट का काम नहीं है। इसी के साथ, सौदे को लेकर दायर की गई सभी याचिकाओं को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
अदालत ने ये भी कहा कि इसके व्यवसायिक पक्ष में भी किसी तरह की हेराफेरी नहीं हुई है। राफेल सौदे में सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। अदालत ने फैसले में कहा है कि कोई वजह नजर नहीं है कि इस डील में कानूनी तौर पर हस्तक्षेप किया जाए।
बता दें कि राफेल मसले पर प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने 14 नवंबर को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिका दायर करने वालों में वकील एमएल शर्मा, विनीत ढांडा, प्रशांत भूषण, आप नेता संजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी शामिल हैं।
Supreme Court: We are satisfied that there is no occasion to doubt the process. A country can’t afford to be underprepared. Not correct for the Court to sit as an appellant authority and scrutinise all aspects. #RafaleDeal https://t.co/djJheTLAhr
— ANI (@ANI) December 14, 2018
याचिकाकर्ताओं ने सौदे में अनियमितता का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट से सीबीआइ को जांच के लिए एफआइआर दर्ज करने के निर्देश देने की अपील की थी।



















