हरमन इससे पहले इंडियन रेलवे में कार्यरत थीं। पंजाब पुलिस में ज्वांइन करने को लेकर उन्होंने अपनी पिछली जॉब को छोड़ा था। बता दें कि इस मामले की सबसे पहले पुष्टि डीजीपी (एडमिनिस्ट्रेशन) एमके तिवारी ने की थी। हरमनप्रीत ने ग्रेजुएशन डिग्री कथित तौर पर मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी की ओर से दी गई थी। जब पंजाब आर्म्ड पुलिस के कमांडेंट (जालंधर) ने मेरठ यूमिवर्सिटी में डिग्री को जांच के लिए भेजा तो यूनिवर्सिटी की ओर से जवाब आया कि ऐसा रजिस्ट्रेशन नंबर होता नहीं है।



















