‘महंगाई बढ़ने का भी था डर’
विपक्ष कहता रहा है कि 28 फ़ीसदी टैक्स बहुत ज्यादा है और पूरी दुनिया में कहीं पर इतना जीएसटी नहीं है.
1200 आइटम्स में कई पर 28 फ़ीसदी टैक्स था. इससे महंगाई बढ़ने का भी ख़तरा था.
जीएसटी आने के बाद कुछ इन्फ्लेशन बढ़ी है, इसलिए कई आइटम्स पर जीएसटी को को 28 से 18 फ़ीसदी किया गया. साथ ही पापड़ वगैरह जैसी खाने की नॉन ब्रैंडेड चीज़ें जो लोकल लेवल पर बिकती हैं, उसपर जीएसटी 12 पर्सेंट से 5 पर्सेंट कर दिया है.
मेरा मानना है कि ऐसा इस डर से किया गया है कि कहीं बाद में महंगाई और न बढ़ जाए.
















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