वाराणसी: लोकसभा चुनाव में वाराणसी को सबसे हॉट सीट माना जा रहा है. ऐसे में सातवें चरण में यानि 19 अप्रैल को यहां मतदान होना है. वहीं पीएम मोदी के खिलाफ संत समाज ने भगवान को मैदान में उतारा था. इन्होंने श्री राम न्यास परिषद की ओर से अपना नामांकन किया था, लेकिन उनका नामांकन रद्द हो गया. इसके बाद एक बार फिर काशी का संत समुदाय नाराज दिख रहे हैं.नामाकंन रद्द होने से नाराज हैं काशी के संत.स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आरोप

विश्वनाथ धाम के विस्तारीकरण के लिए जिन मकानों को ध्वस्त किया गया, उसमें कई मंजिलें तोड़ दी गईं. हमारे परिचय में केवल एक गलती होने की वजह से हमारा नामांकन खारिज कर दिया गया, जबकि पीएम मोदी के नामांकन पत्र में ऐसी 21 गलतियां थी.इन गलतियों को हम देश और बनारस की जनता के सामने लाएंगे.
पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले भगवान का नामांकन रद्द होने के बाद से संत समाज काफी नाराज चल रहा है.शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि वह पीएम मोदी की कमियों के पर्चे छपवाकर उसे वाराणसी के लोगों के बीच बांटेंगे.
जब से हमारे प्रत्याशी का पर्चा खारिज हुआ है, हमने आश्रम छोड़ दिया. हम 17 तारीख तक लोगों को पीएम मोदी को वोट न देने का आग्रह करेंगे. अपनी बात को हम जनता के बीच लाने के लिए जल्द ही एक पर्चा छपवा कर उसका वितरण करेंगे.
-स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य



















