चंडीगढ़ ,03 दिसंबर :अकाली दल के संरक्षक एवं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने केन्द्र के तीन कृषि कानून तथा किसानों के साथ किये गये धोखे के विरोध में पदम विभूषण लौटा दिया ।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखे एक पत्र में श्री बादल ने कहा है ‘मैं आज जो भी हूं सिर्फ आम लोगों विशेषकर किसानों के कारण हूं । जब किसानों का ही सम्मान नहीं हो रहा तो पदम विभूषण जैसे सम्मान रखने का कोई औचित्य नहीं है । किसान जीने के मौलिक अधिकार को बचान के लिये कड़ाके की ठंड में सड़कों पर बैठे हैं।

FILE PHOTO:The President, Shri Pranab Mukherjee presenting the Padma Vibhushan Award to the Chief Minister of Punjab, Shri Parkash Singh Badal, at a Civil Investiture Ceremony, at Rashtrapati Bhavan, in New Delhi on March 30, 2015.
श्री बादल ने कहा कि शांति और साम्प्रदायिक सदभाव के पंथक आदर्शों के बाद किसानी मेरा दूसरा धार्मिक जुनून रहा है। मैंने सार्वजनिक सेवा के लंबे समय में जो सेवा की उसका किसान केंद्र बिंदू रहे हैं । जब देश ने मुझे पदम विभूषण से सम्मानित किया था तो मैं जानता था कि यह केवल लोगों के प्रति मेरी प्रतिबद्धता के लिए मुझे दिया गया है।
"We Brought Our Own Food": Farmers Refuse Lunch At Meet With Government https://t.co/mUwBKf99Iz #FarmersProtest pic.twitter.com/Ql6NhrnjEf
— NDTV (@ndtv) December 3, 2020
उन्होंने कहा कि वह केन्द्र सरकार के रवैये और किसानों के खिलाफ कार्रवाई से ‘आहत तथा विश्वासघात’ महसूस कर रहे हैं। जब सरकार विधेयक लेकर आई थी तो किसानों को संतुष्ट करने का आश्वासन दिया था। इन आश्वासनों पर भरोसा करते हुए मैंने किसानों से सरकार की बात पर विश्वास करने की अपील भी की थी। लेकिन मैं स्तब्ध रह गया जब सरकार अपने शब्दों से मुकर गई।
Watch | Maharashtra farmers protest against #FarmLaws. NDTV's Purva Chitnis reports pic.twitter.com/R5tscFn03y
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