इसरार ने बताया कि उसके अंकल, 30 वर्षीय मौलवी मोहम्मद गुलजार और दो अन्य युवक 17 वर्षीय अबु बकर और 18 वर्षीय मोहम्मद मोमिन पहली बार दिल्ली स्थित जामा मस्जिद और हजरत निजामुद्दीन दरगाह देखने के लिए गए थे। वे सभी अपनी इस यात्रा को लेकर काफी खुश थे।”
वहीं मौलवी गुलजार ने आपबीती सुनाते हुए कहा “दिल्ली से निकलते समय हमने शामली जाने वाली ट्रेन ली जिसमें सात लोगों ने हमपर हमला किया। ये व्यक्ति हमारे अगले वाले कंपार्टमेंट में बैठे थे।
हम अहदा स्टेशन पर उतरने ही वाले थे कि तभी उनमें से एक व्यक्ति ने हमारा रास्ता रोक लिया। उन्होंने ट्रेन की खिड़कियां बंद कर दी और हमारे साथ मारपीट करने लगे।



















