
जुलूस में हजरत अब्बास की निशानी अलम, हजरत इमाम हुसैन के छ: माह के बेटे हजरत अली असगर का गहवारा और हजरत इमाम हुसैन की सवारी का प्रतीक जुलजनाह शामिल रहे। अकीदतमंदों ने बर्रुकात की जियारत कर दुआएं मांगी।
इस जुलूस में एक मंज़र इस बार देखने को मिला, नाज़िम साहेब के इमामबाड़े के पास “है हाथ मिंन्जज जिल्लाह” की सबील पर नज़र गई,



















