नई दिल्ली: भारतीय वैज्ञानिक डॉक्टर मुमताज़ नैयर ने ज़ीका, डेंगू और हेपेटाइटिस सी जैसी जानलेवा बीमारियों के इलाज के लिए टीका तैयार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि पिछड़े क्षेत्र के रहने वाले नौजवान को भी अगर मौक़ा और सहूलत दी जाए तो वह भी किसी से पीछे नहीं रहेंगे।

डॉ नैयर का संबंध बिहार के किशनगंज जिले के सबसे पिछड़े गाँव करबलभट्टा गाँव से है, जहां आज भी कोई हाई स्कूल नहीं है। विश्वभर के वैज्ञानिकों ने डॉ नैयर के इस खोज को क्रांतिकारी खोज बताया है जिससे उन्होंने बिहार का ही नहीं बल्कि पूरे देश का दुनिया में रोशन किया है। उन्होंने यूके यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथ थींपटन की लैबोरेटरी में
प्रयोगों के दौरान इस वैक्सीन को तैयार किया है।















/odishatv/media/media_files/2026/04/19/billionaire-entrepreneur-2026-04-19-23-55-02.jpg)


