आडवाणी, जोशी, केन्द्रीय मंत्री उमा भारती, भाजपा सांसद विनय कटियार, विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) नेता विष्णु हरि डालमिया और साध्वी ऋतम्भरा को गत 26 मई को अदालत में पेश होना था, लेकिन अदालत में बैठते ही उनके वकील ने हाजिरी माफी की दरख्वास्त दे दी थी। विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार यादव ने हाजिरी माफी तो दे दी थी, लेकिन 30 मई को हर हाल में पेश होने का आदेश दिया था।
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इन आरोपियों के पेश नहीं होने की वजह से 26 मई को आरोप तय नहीं हो सके थे। आरोप तय करने के लिये आरोपी को व्यक्तिगत रुप से अदालत में उपस्थित होना जरुरी होता है। अदालत में आडवाणी और जोशी के साथ ही विनय कटियार, केन्द्रीय मंत्री उमा भारती, साध्वी ऋतम्भरा, डालमिया, रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास, पूर्व सांसद डॉ. राम विलास दास वेदान्ती, महंत धर्मदास, चम्पत राय, सतीश प्रधान और बैकुंठ लाल शर्मा हाजिर हुए।
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पिछली तारीख को अदालत ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार चार सप्ताह में आरोप तय कर देने हैं, लेकिन आरोपियों के पेश नहीं होने की वजह से इसमें देरी हो रही है। इससे पहले आडवाणी, जोशी, कटियार, उमा भारती, साध्वी ऋतम्भरा और डालमिया के खिलाफ रायबरेली में मुकदमा चल रहा था, लेकिन 19 अप्रैल 2017 को उच्चतम न्यायालय के आदेश से मुकदमा लखनऊ की विशेष अदालत में स्थानातंरित कर दिया गया । इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153, 153ए, 295, 295ए, 120बी और 505 के तहत आरोप तय किया गया है।
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