लखनऊ (shiaqaum.com) :राजधानी के विभिन्न इलाकों में कर्बला के 72 शहीदों की याद में यौम-ए-आशूरा का जुलूस निकला गया। जुलूस की शुरुआत चौक स्थित नाजिम साहब का इमामबाड़ा से हुई, जो अकबरी गेट, नक्खास, बिल्लौचपुरा, हैदरगंज होते हुए कर्बला पर समाप्त हुआ।

यौमे आशूर का जुलूस आज यानि दस मोहर्रम मंगलवार को विक्टोरिया स्ट्रीट स्थित नाजिम साहब के इमामबाड़े से निकाला गया । सुबह 10 बजे जुलूस से पहले होने वाली मजलिस को मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने खिताब किया । इसके बाद आशूर का जुलूस निकला । जुलूस में शहर की तमाम मातमी अंजुमनें अपने अलम के साथ नौहाख्वानी व सीनाजनी करते चल रही थीं ।
इमामबाड़े से निकल कर जुलूस अकबरी गेट, नक्खास तिराहा, बाजारखाला, हैदरगंज, एवरेडी चौराहा होते हुए कर्बला तालकटोरा पहुंचा, जहां अलविदाई मजलिस को मौलाना ने ख़िताब किया । इस दौरान बड़ी संख्या में अजादार अपने ताजियों के साथ कर्बला तालकटोरा पहुंचें, जहां ताजियों को नौहा ख्वानी व सीना जानी करके सुपुर्दे खाक किया गया । वहीं अहले सुन्नत समुदाय की ओर से शहर के विभिन्न स्थानों पर दस मोहर्रम को आशूर के जुलूस निकाले गए । शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित कर्बला तक जाने वाले इन जुलूसों में बड़ी संख्या में अहले सुन्नत समुदाय ताजिया लेकर चल रहे थे ।

इस दौरान नाजिम साहिब इमामबाड़े से जैसे ही अज़ादार अलम लेकर बाहर आए। वहां मौजूद हज़ारों अज़ादारों ने उसे चूमना शुरू कर दिया। जुलूस के आगे अकीदतमंद मातम कर रहे थे।
जुलूस के दौरान हर तरफ ‘अली मौला, हैदर मौला’ की सदाए गूंज रही थी।
जुलूस जैसे ही इमामबाड़े से निकला, वैसे ही हज़रत इमाम हुसैन अस की शहादत को याद करके लोग रोने लगे।
इन्हें देखने के लिए हजारों की भीड़ सड़कों और घरों की छतों से देखने के लिए उमड़े रहे जुलूस राजधानी के हज़ारतगंज, अलीगंज, चिनहट, चौक, बंथरा, सरोजनीनगर, आलमबाग, बीकेटी समेत सभी इलाकों में निकल गया।

















/odishatv/media/media_files/2026/04/19/billionaire-entrepreneur-2026-04-19-23-55-02.jpg)


