ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की लखनऊ में करीब तीन घंटा की बैठक के बाद सदस्यों ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुर्नविचार याचिका दायर करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही इन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर भी उंगली उठाई है।

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बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोर्ड के सदस्यों ने मीडिया को संबोधित किया। सैयद कासिम रसूल इलियास के साथ बाबरी एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने मीडिया को संबोधित किया। इन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड पुर्नविचार याचिका दाखिल करेगा।
आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक रविवार को मुमताज पीजी कॉलेज, डालीगंज में हुई। बैठक के बाद प्रेसवार्ता में बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी ने बताया कि मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट का फैसला मंजूर नहीं है। इसमें हमारे साथ इंसाफ नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हम अयोध्या में नई मस्जिद के लिए नहीं गए थे। वहां पहले से 27 मस्जिद हैं।
BREAKING:All India Muslim Personal Law Board decides to decline 5 acres of land alloted by Supreme Court. It says the decision is on behalf of Muslim community and Sunni Waqf Board should respect this view of community at large.#AyodhyaJudgment #AYODHYAVERDICT
— Yusra Husain (@yusrahusain) November 17, 2019
मुस्लिमों ने बाबरी मस्जिद पर अपने हक के लिए मुकदमा दायर किया था। जीलानी ने कहा कि बाबरी मस्जिद की ऐवज में पांच एकड़ जमीन हम नहीं ले सकते। इस्लामी शरीयत भी हमें इजाजत नहीं देती कि हम मस्जिद के बदले में जमीन या कुछ भी लें। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता राजीव धवन के मुताबिक हम 30 दिन के अंदर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर सकते हैं। इस मामले के सभी पक्षकारों के पास यह अधिकार है।
All India Muslim Personal Law Board (AIMPLB) decides to decline 5 acres of land allotted by Supreme Court. It says the decision is on behalf of Muslim community and Sunni Waqf Board should respect this view of the community at large. #AyodhyaCase
— TOI Lucknow (@TOILucknow) November 17, 2019
इस बैठक में बोर्ड के कार्यकारी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के साथ बोर्ड उपाध्यक्ष मौलाना जलालुद्दीन उमरी, महिला विंग की संयोजक डॉ आसमा जहरा, बोर्ड के महासचिव मौलाना वाली रहमानी, ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहाद उल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के प्रमुख तथा हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी तथा अध्यक्ष, जमीअत उलमा हिन्द मौलाना अरशद मदनी भी मुमताज कॉलेज पहुंचे ।
Jamiat Ulama-e-Hind also decides to file a review petition against #SupremeCourt judgement on #AYODHYAVERDICT pic.twitter.com/G9kAVwITLk
— Yusra Husain (@yusrahusain) November 17, 2019



















