वर्ष 2011 में 155वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया गया और 2013 में संसद की स्थाई समिति ने सौंपी रिपोर्ट में इसे और बेहतर बनाने के सुझाव दिये।मई 14 में नरेन्द्र मोदी की सरकार ने जीएसटी को लागू करने की दिशा में गंभीर प्रयास शुरू कर दिये और राज्यों की सहमति के लिये ताबड़तोड़ बैठकों का दौर शुरू हुआ। लोकसभा में 19 दिसंबर 2014 को 122वां संविधान संशोधन पेश किया गया।

पिछले साल सितंबर में राष्ट्रपति ने इस विधेयक को अपनी मंजूरी दी। इस वर्ष 16 जनवरी को वित्त मंत्री अरूण जेटली ने एक जुलाई 2017 जीएसटी के क्रियान्वयन की डेडलाइन रखी। जेटली ने 27 मार्च को केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी), एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी), केन्द्र शासित प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर (यूटीजीएसटी) और क्षतिपूर्ति विधेयक संसद में रखे।
लोकसभा और राज्यसभा ने सभी चार प्रमुख विधेयकों सीजीएसटी, आईजीएसटी, क्षतिपूर्ति कानून और केन्द्र शासित जीएसटी विधेयकों पर मुहर लगाकर इसके क्रियान्वयन का रास्ता साफ कर दिया।जीएसटी में 5,12,18 और 28 प्रतिशत की कर दरें रखी गई है। सहमति नहीं बन पाने के कारण पेट्रोल, डीजल और शराब को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।














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