नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय ने उद्योगपति विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए मुंबई की एक अदालत में चल रही कार्यवाही को चुनौती देने वाली उसकी याचिका पर शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के कौल की पीठ ने याचिका पर जांच एजेंसी से जवाब मांगा।

ईडी ने विशेष अदालत से लंदन में रह रहे उद्योगपति माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत भगोड़ा आॢथक अपराधी घोषित करने की मांग की थी। माल्या की याचिका पर शीर्ष अदालत ने नोटिस जारी किया लेकिन मुंबई की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने से मना कर दिया। बंबई उच्च न्यायालय ने हाल ही में माल्या की अपील खारिज कर दी थी जिसके बाद माल्या ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की थी।
कानून के प्रावधानों के तहत जब किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाता है तो अभियोजन एजेंसी को आरोपियों की संपत्तियों की कुर्की का अधिकार होता है। विशेष अदालत ने 30 अक्टूबर को माल्या की अर्जी को खारिज कर दिया था जिसके बाद वह उच्च न्यायालय में गये। माल्या के वकील ने खंडपीठ से कहा था कि उनकी याचिकाओं को कार्यवाही से भागने की चाल नहीं समझा जाना चाहिए।















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