देवबंद। दारुल उलूम ने पाकिस्तान के पेशावर में आर्मी स्कूल में हुए आतंकी हमले का कड़े अल्फाजों में मजम्मत (निंदा) कर इसे हैवानियत बताया है। दारुल उलूम के मोहतमिम ने कहा कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए, कम है। किसी मजलूम और निहत्थे की कत्ल की इजाजत इस्लाम नहीं देता है।
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि पेशावर की घटना इंसानियत के नाम पर कलंक है। उन्हें इस घटना पर सख्त अफसोस और दुख है। इस्लाम समेत दुनिया का कोई भी मजहब निहत्थे, मासूम और बेगुनाहों के कत्ल का समर्थन नहीं कर सकता। इस तरह की घटना करने वाले इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। नोमानी ने कहा कि इस तरह के धमाके और कत्ल-ओ-गारत करना इस्लाम की बुनियाद और तालीम के खिलाफ है।















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