ईरान विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने क्षेत्र में आतंकवाद व चरमपंथ के शिकार बेघर लोगों के भविष्य के बारे में विश्व समुदायव विशेष कर पश्चिमी देशों की तटस्थता की आलोचना की है।
मर्ज़िया अफ़ख़म ने एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए क्षेत्र में आतंकवाद व चरमपंथ के कारण सामने आने वाले हृदय विदारक दृश्यों की ओर संकेत करते हुए कहा कि जो लोग युद्ध भड़काने का प्रयास करते हैं और निरंतर आतंकवादियों का व्यापक समर्थन करते रहते हैं, वे विश्व समुदाय के सामने उत्तरदायी हैं।
उन्होंने कहा कि सीरियाई शरणार्थियों की दुखद स्थिति पर, जो भौगोलिक निकटकता के कारण यूरोप पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं, यूरोपीय देशों की धीमी प्रतिक्रिया, विश्व समुदाय यहां तक कि स्वयं उन देशों की जनता के लिए भी आश्चर्यजनक है।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि यूरोपीय सरकारों और संयुक्त राष्ट्र संघ का दायित्व है कि वे शरणार्थियों की वर्तमान समस्या को प्राथमिकता दें और उनकी स्थिति पर हमदर्दी से दृष्टि डालें और इसी के साथ संसार के विभिन्न देशों को भी युद्ध एवं संकट ग्रस्त क्षेत्रों में मानवीय स्थिति को बेहतर बनाने और सहायता तथा संकटों के समाधान के लिए तुरंत प्रभावी क़दम उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए।
मर्ज़िया अफ़ख़म ने कहा कि ईरान ने सीरिया संकट के राजनैतिक समाधान, शरणार्थियों और उनकी स्वदेश वापसी की समस्या और उनके लिए आवश्यकता की मूल वस्तुएं जुटाने के संबंध में कई सूत्रीय योजना पेश की है।


















