अली हसनैन आब्दी फ़ैज़
कोविड-19 काल में आयरन की कमी वाले व्यक्तियों पर संक्रमण का खतरा अधिक बना होता है। आयरन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने का काम करता है। मानव शरीर में आयरन की कमी होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे बीमारियों का शिकार बनने की संभावनायें बढ़ जाती हैं। इस दौर में यह खतरनाक साबित हो सकता है।

डॉक्टर सलमान अहमद खान ने बताया कि आयरन से शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बनती हैं, कोशिकाएं शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने का कार्य करती हैं और हीमोग्लोगिन ही फेफड़ों से आक्सीजन लेकर खून में पहुंचाता है। हीमोग्लोगिन कम होने से शरीर में आक्सीजन में कमी होने लगती है और अगर व्यक्ति में खून की कमी (एनीमिक) है तो उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। अब तक सामने आया है कि कोविड-19 हमारे श्वसन तंत्र को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में यह एनीमिक लोगों मे काफी खतरनाक साबित हो सकता है।
डॉ खान ने बताया कि हीमोग्लोगिन कम होने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इस स्थिति मे संक्रमण होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। व्यक्ति के शरीर में खून की कमी होने से व्यक्ति की इम्युनिटी अत्यन्त कमजोर हो जाती है। एक स्वस्थ महिला में हीमोग्लोगिन की मात्रा 12 ग्राम प्रति डेसीलीटर और पुरूषों में 14 ग्राम प्रति डेसीलीटर होना चाहिए।
एनीमिया की समस्या सबसे ज्यादा महिलाओं में
अधिकांश महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है जो व्यक्ति अपने खान-पान का ध्यान नहीं रखता हैं उसमें यह समस्या हो सकती है यही कारण है कि लोगों को संतुलित भोजन लेने का परामर्श डाक्टरों द्वारा बराबर दिया जाता है। कोविड जैसे महामारी के दौर में इसका सबसे ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।
व्यक्ति के शरीर में खून के कमी के लक्षण-
• मुठ्ठी बांधने पर नाखून का रंग पीला पड़ने लगता है।
• गाल व चेहरे की लालिमा कम होने लगती है।
• व्यक्ति को हर समय कमजोरी सिर में दर्द बना रहता है।
• सांस लेने में भी समस्या होने लगती है।
• तलवा व हथेली भी कभी-कभी ठंडा पड़ जाता है।
खून की कमी को ऐसे करें दूर-
• संतुलित आहार का सेवन करें
• गर्भावस्था के दौरान आयरन, फ्लोरिक एसिड के साथ मल्टीविटामिन लें।
• मटर, सरसों, पालक, बथुआ जैसी हरी सब्जियां और गुड़ खाएं।
• अनार, सेब, जैसे मौसमी फलों का सेवन करें।
आज के समय में अधिकतर भारतीय आयरन की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक है। प्रसव, खानपान में लापरवाही, पर्याप्त पोषण न लेना व अन्य कई कारणों के चलते महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। ऐसे में जरूरी नहीं है कि आप सप्लीमेंट या दवाइयों के जरिए आयरन की कमी को पूरा करें। इसके लिए आप अपने आहार पर ध्यान दें। तो चलिए आज हम आपको ऐसे ही कुछ आहार के बारे में बता रहे हैं, जो आयरन की कमी को दूर करते हैं−
ब्राउन राइस
ब्राउन राइस को फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। इतना ही नहीं, इसमें पाया जाने वाला आयरन एनीमिया से लड़ने में मददगार है।
ओट्स
ओट्स में वैसे तो कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो सेहत के लिए लाभकारी होते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें आयरन भी होता है। ओट्स का सेवन नाश्ते में करके दिन की शुरुआत करना एक बेहद अच्छा विचार है।
आलू
नवाबगंजी आलू/ लाल आलू ,
आलू वैसे तो एक हाई−कैलोरी सब्जी है लेकिन इसमें आयरन के उच्च स्रोत पाए जाते हैं। इतना ही नहीं, अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो आलू को फ्राई करने की बजाय उसे उबालकर खाएं।
ब्रोकली
अगर आप एनीमिक है और आयरन की कमी से जूझ रहे हैं तो ब्रोकली को अपनी डाइट का हिस्सा अवश्य बनाएं। आप इसकी मदद से एक स्वादिष्ट सब्जी बनाकर खा सकते हैं।
स्ट्रॉबेरी
सुनने में शायद आपको अजीब लगे लेकिन स्ट्रॉबेरी भी आयरन की कमी को दूर करने में सहायक है। दरअसल, स्ट्रॉबेरी में आयरन तो होता है ही, साथ ही इसमें विटामिन सी भी उच्च मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में आयरन के अवशोषण में मदद करती है।
मटर
जिन लोगों के शरीर में आयरन की कमी है, उन्हें मटर का सेवन अवश्य करना चाहिए। इसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो आपकी सेहत के लिए लाभकारी है।
पालक
पालक में आयरन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इतना ही नहीं, इसमें विटामिन सी भी होता है। इस प्रकार पालक का सेवन न सिर्फ शरीर में आयरन की पूर्ति करता है, बल्कि आयरन के अवशोषण में भी मदद करता है।
कद्दू के बीज
कद्दू में बीज का नाश्ता करने से शरीर में आयरन की कमी को दूर किया जा सकता है।
बकरे की कलेजी में भरपूर मात्रा में आयरन होता है
आजकल के ज़माने में मांस, मछली खाने वाले लोगो की संख्या बढ़ती ही जा रही है और लगभग हर मासांहारी व्यक्ति को चिकन और मछली का सेवन करना बहुत पसंद होता है. जिस तरह से चिकन खाने से शरीर को पोषक तत्व मिलता है उसी तरह से बकरे की कलेजी खाने से भी शरीर को काफी फ़ायदा होता है.
चिकन का सेवन तो ज़्यादतर लोग करते है लेकिन कई सारे लोग नहीं जानते है की चिकन से ज़्यादा बकरे की कलेजी खाने से फ़ायदा होता है, इसीलिए आज हम आपको बताने जा रहे है की बकरे की कलेजी खाने से कौन से फायदे होते है.
बकरे की कलेजी में मौजूद कैल्शियम तत्व व्यक्ति के शरीर की हड्डियां और दांत को मजबूत बनाता है।
बकरे की कलेजी में मौजूद फाइबर और आयरन व्यक्ति के दिल के लिए बहुत फायदेमंद होता है, साथ ही साथ सेहत को भी स्वस्थ रखते है।
जितना विटामिन, कैल्शियम, फाइबर और आयरन आपको बकरे की कलेजी से मिलता है। उतना कभी भी आपको बकरे की टांग व अन्य पार्ट से नहीं मिल पायेगा क्यूंकि बकरे की कलेजी में सबसे ज़्यादा कैल्शियम और फाइबर की मात्रा मौजूद होती है.
ज्यादतर लोगो को बकरे की कलेजी में रुचि दिखती है, क्योंकि बकरे की कलेजी में विटामिन A और B मौजूद होता है, जो व्यक्ति के शरीर में मोतियाबिंद और डायबिटीज जैसी गंभीर और घातक बीमारियों को दूर करता है।
जिन लोगो अपना वजन बढ़ाना हो उन्हें भी बकरे की कलेजी का का सेवन जरूर करना चाहिए क्यूंकि बकरे की कलेजी में ऐसे कई सारे गुण होते है जो शरीर का वजन तेजी से बढ़ाने में मदद करते है और शरीर को स्वस्थ बनाते है
आयरन से भरपूर कड़कनाथ मीट आपको भरपूर आयरन उपलब्ध करा सकता है इसकी मांग बहुत अधिक है
झाबुआ का कृषि विज्ञान केंद्र
(केवीके) के प्रमुख डॉ. आईएस तोमर बताया कि केवीके ने कोविड-19 की पृष्ठभूमि में कड़कनाथ चिकन को लेकर हालांकि अलग से कोई वैज्ञानिक अध्ययन नहीं किया है। लेकिन यह पहले से स्थापित तथ्य है कि दूसरी प्रजातियों के चिकन के मुकाबले कड़कनाथ के काले रंग के मांस में चर्बी और कोलेस्ट्रॉल काफी कम होता है, जबकि इसमें प्रोटीन व आयरन की मात्रा अपेक्षाकृत कहीं ज्यादा होती है। कड़कनाथ चिकन में अलग स्वाद के साथ औषधीय गुण भी होते हैं।



















