नॉर्थ कोरिया ने अपने न्यूक्लियर कानूनों में एक बहुत ही खतरनाक और अनोखा बदलाव किया है, जिससे दुनिया में चिंता की लहर दौड़ गई है।
इंटरनेशनल न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया के संविधान में बदलाव किया गया है ताकि अगर देश के शासक किम जोंग-उन की मौत हो जाती है या वे किसी हमले की वजह से शासन करने में असमर्थ हो जाते हैं, तो देश अपने आप तुरंत न्यूक्लियर हमला कर देगा।

ब्रिटिश अखबार द सन ने बताया कि इस संवैधानिक बदलाव को 22 मार्च को मंज़ूरी मिली थी, लेकिन इसे अब पहली बार लोगों के सामने लाया गया है।
यह नया क्लॉज़ नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लियर पॉलिसी कानून के आर्टिकल 3 में जोड़ा गया है, जिसमें कहा गया है कि अगर देश के न्यूक्लियर कमांड और कंट्रोल सिस्टम को दुश्मन ताकतों के हमले का खतरा होता है, तो अपने आप और तुरंत न्यूक्लियर हमला किया जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस नई पॉलिसी का कारण हाल के क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और ईरान पर इज़राइली हमलों के बाद की स्थिति को बताया जा रहा है।
नॉर्थ कोरिया को डर है कि भविष्य में उसके टॉप लीडरशिप को भी ऐसे ही खतरों का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, नॉर्थ कोरिया में इंटेलिजेंस इकट्ठा करना और टॉप लीडरशिप तक पहुंच बनाना बहुत मुश्किल है, क्योंकि देश के बॉर्डर दुनिया के लिए लगभग बंद हैं और देश में आने वाले विदेशियों पर कड़ी नज़र रखी जाती है,
इसलिए, किसी भी बाहरी एक्शन के ज़रिए किम जोंग-उन या उनके करीबी लोगों को टारगेट करना आसान नहीं होगा।
दूसरी ओर, नॉर्थ कोरिया ने साउथ कोरिया के बॉर्डर के पास एक नए तरह के 155 mm ऑटोमैटिक आर्टिलरी की तैनाती का भी ऐलान किया है, जिसकी रेंज 60 km से ज़्यादा बताई जा रही है।
स्टेट मीडिया के मुताबिक, किम जोंग-उन ने इस नए हथियार के प्रोडक्शन का इंस्पेक्शन किया और कहा कि इससे नॉर्थ कोरिया की ज़मीनी लड़ाई की काबिलियत में बड़ा बदलाव आएगा।












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