लखनऊ:ऐतिहासिक इमामबाड़े सिब्तैनाबाद का आज बाहरी शानदार फाटक अचानक गिर गया जिस से अफरा तफरी मच गयी लकिन लॉक डाउन की वजह से किसी की फिलहाल जानी नुक़सान की कोई खबर नहीं है.तारीखी इमामबाड़े सिब्तैनाबाद मुबारक के मुतवल्ली मोहम्मद हैदर ने तुरंत संज्ञान लेते हुवे पुलिस में रिपोर्ट की है और पुरातत्व विभाग को और शिया वक़्फ़ बोर्ड को सूचित किया है.

अवध के आखरी ताजदार वाजिद अली शाह के पिता श्री की क़ब्र इसी इमामबाड़े मे है और यहाँ शिया समुदाय के धार्मिक कार्यकर्म आयोजित होते हैं .
दोपहर में अचानक इमामबाड़े सिब्तैनाबाद के हज़रतगंज की ओर का शानदार फाटक ज़ोरदार आवाज़ के साथ जब गिरा तो अफरातफरी मच गयी पुलिस ने अपनी प्रार्थमिक जाँच के बाद मीडिया को बताया के थर्मल जांच से मालूम हुवा है की मलबे में कोई इंसान दबा नहीं है .

इमामबाड़े सिब्तैनाबाद के मुतावल्ली/प्रबंधक मोहम्मद हैदर ने पुलिस और संबंधित विभागों को सूचित करते हुवे लिखा है कि मक़बरा अमजद अली शाह / इमामबाड़ा सिब्तैनाबाद एक केंद्रीय संरक्षित स्मारक है,एवं उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अंतर्गत दर्ज वक्फ है जिसका प्रबंध वक्फ समिति के द्वारा देखा जाता है। उक्त इमामबाड़ा न केवल एक सांस्कृतिक घरोहर है, वरन एक धार्मिक स्थल है जहां पर हर सम्प्रदाय के श्रद्धालुओं का आवागमन वर्ष प्रतिवर्ष होता है।
मोहम्मद हैदर ने लिखा है कि इस सम्बन्ध में इमामबाड़े एवं अन्य सांस्कृतिक घरोहरों के रखरखाव एवं जीर्णोद्धार हेतु उन्होने एक जनहित याचिका भी योजित की है (सय्यद मोहम्मद हैदर रिज़वी बनाम केंद्र सरकार एवं अन्य) रिट याचिका संख्या ३१७३ (MB ) / २०१३ जिसमें माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा अनेकों निर्देश जारी किये हैं।
मुतव्वली ने इस सम्बन्ध में अवगत कराया है कि उक्त इमामबाड़े का मुख्य द्वार जो कि महात्मा गांधी मार्ग पर स्थित है इस पर मार्क्समैन रेस्टोरेंट एवं एक स्वास्थ्य सेवा पार्लर के द्वारा अवैध कब्ज़ा कर रखा गया है एवं इसके पृष्ठ भाग पर भी अवैध कब्ज़ा है।
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मोहम्मद हैदर ने मार्क्समैन रेस्टोरेंट को आरोपित करते हुवे लिखा है कि रेस्टोरेंट द्वारा उक्त गेट पर पूर्ण रूप से कब्ज़ा कर के अपना रेस्टोरेंट / किचन बना रखा है एवं इसकी चिमनी भी गेट में जड़ दी है जिससे उक्त गेट दिन प्रतिदिन जीर्ण शीर्ण हो रहा था।
मुतव्वली के अनुसार ईमेल एवं निजी रूप से भारतीय पुरातत्व सर्वे, लखनऊ विकास प्राधिकरण तथा लखनऊ नगर निगम से वृहद् पत्राचार किया जाता रहा परन्तु मार्क्समैन के प्रबंधन के धनबल के प्रभाव में किसी के द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गयी जिसके फलस्वरूप उनके द्वारा इस गेट के १०० मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण करते हुए रॉयल स्काई नाम का रेस्टोरेंट बनवा लिया , जिससे उक्त इमारत का गेट जीर्ण शीर्ण हो गया एवं आज उस गेट का का अगला हिस्सा ध्वस्त हो गया।

मोहम्मद हैदर एडवोकेट
इमामबाड़े के मुतव्वली के अनुसार उक्त अवैधानिकता मार्क्समैन रेस्टोरेंट एवं हेल्थ सेंटर के मालिकों के द्वारा साशय कारित की गयी है एवं प्राचीन संस्मारक और प्राचीन स्थल और अवशेष अधिनियम (संशोधन और मान्यन अधिनियम 2010) की धारा ३० के अंतर्गत एक संज्ञेय अपराध है।
इसलिये इस घटना का संज्ञान लेते हुए इन अपराधियों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कठोरतम कार्यवाही करें।
ज्ञात हो कि स्वतन्त्रा से पहले अंग्रेजी दौर में शासकों ने इमामबाड़े पर क़ब्ज़ा कर लिया था और इस धार्मिल स्थल को छावनी बना कर स्वतन्त्रा संग्राम सेनानियों से निपटने के लिये मोर्चा बना लिया था














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