मध्य प्रदेश में पिछले दो हफ्तों से चल रहे सियासी खेल में आज सबसे अहम दिन साबित हुआ। जब तमाम अटकलों के बीच सीएम कमलनाथ ने इस्तीफा का ऐलान कर दिया। जिसके बाद कमलनाथ राज्यपाल लालजी टंडन से मिलकर इस्तीफा दिया।

शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कमलनाथ ने कहा, जनता ने पांच साल का मौका दिया था ताकि प्रदेश को सही रास्ते पर लाया जा सके. इसकी नई पहचान बने. मध्य प्रदेश की तुलना बड़े राज्यों से हो. 15 साल बीजेपी को मिले और मुझे 15 महीने मिले. इन 15 महीनों में प्रदेश की जनता गवाह किया है कि मेरे द्वारा किए गए काम बीजेपी को रास नहीं आए. आप जानते हैं कि जब सरकार बनी तो पहले ही दिन से साजिश शुरू कर दी.
Kamal Nath quits with "power-hungry ‘Maharaj’" barb
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— NDTV (@ndtv) March 20, 2020
साथ ही उन्होंने कहा कि आज हमारे 22 विधायकों को कर्नाटक में बंधक बनाने का काम किया गया. करोड़ो रुपये खर्च कर खेल खेला गया. एक महाराज और बीजेपी ने लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की है. प्रदेश के साथ धोखा करने वाले लोभियों और बागियों को जनता माफ नहीं करेगी. कई बार हमने विधानसभा में बहुमत साबित किया है. सीएम कमलनाथ ने कहा, ‘मेरे साथ विश्वासघात किया गया है मध्य प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात किया गया है’. 15 महीनों में हमने किसानों का कर्जा माफ किया. बीजेपी ने हमारी सरकार के साथ साजिश करके किसानों को धोखा दिया है.
#KamalNath’s resignation as CM of MP isn’t the end of the matter. The 22 rebel MLAs will in a few months have to win bypolls. BJP has 107 in 228 assembly (2 deaths) & needs at least 8 of the 22 to win to secure a 115/228 majority. Like Karnataka, doable, but infighting a hurdle.
— Minhaz Merchant (@MinhazMerchant) March 20, 2020














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