नई दिल्ली। इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट अगर यह आश्वासन दे कि दोषी ठहराए जाने तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तो वह भारत वापस आने को तैयार है।

नाइक 2016 में भारत से भाग गया था और फिलहाल मलेशिया में है। मलेशिया सरकार ने उसे स्थायी निवासी का दर्जा दे रखा है।
‘द वीक’ पत्रिका को दिए साक्षात्कार में नाइक ने कहा कि उसे न्यायिक व्यवस्था में विश्वास है, लेकिन यह आज की तुलना में पहले ज्यादा बेहतर थी।
विकिपीडिया से::::जाकिर नाइक एक इस्लामी धर्मोपदेशक हैं जिन्हें सलफ़ी विचारधारा का समर्थक माना जाता है । जाकिर नायक इस्लामिक रिसर्च फांउडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष हैं।यह पीस टीवी चैनल के भी संस्थापक हैं। कई इस्लामी प्रचारकों के विपरीत, इनके व्याख्यान बोलचाल की भाषा में हैं, यह अंग्रेजी में अपने व्याख्यान देते हैं न कि उर्दू या अरबी में, और यह परंपरागत पहनावे के बजाय एक सूट और टाई बांधते हैं।
एक सार्वजनिक वक्ता बनने से पहले, इन्होंने एक मेडिकल चिकित्सक के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने इस्लाम और तुलनात्मक धर्म पर व्याख्यानों की बुकलेट संस्करणों को भी प्रकाशित किया है। हालांकि उन्होंने सार्वजानिक रूप से इस्लाम में सांप्रदायिकता को अस्वीकार किया है,कुछ लोगों के द्वारा इन्हें सलाफी विचारधारा के एक प्रचारक के रूप में माना जाता है, और, कुछ लोगों द्वारा, वहावी विचारधारा के एक कट्टरपंथी इस्लामी प्रचारक के रूप में।
नाइक ने कहा कि भाजपा सरकार के आने से पहले आप सरकार के खिलाफ बोल सकते थे और आपको न्याय मिलने की संभावना 80 प्रतिशत तक होती थी। आज के समय में यह संभावना 10 से 20 प्रतिशत है।
इस्लामिक प्रचारक ने कहा कि इसके अलावा अगर हम इतिहास देखें तो आतंक के आरोपों का सामना करने वाले 90 प्रतिशत से अधिक मुसलमानों को 10 से 15 साल में बरी किया गया। लिहाजा मुझे भी औसतन 10 साल के लिए जेल में डाला जा सकता है। इससे मेरा पूरा अभियान बाधित होगा, ऐसे में मैं यह बेवकूफी क्यों करूं। नाइक ने कहा कि अगर एनआईए चाहती है तो वह उससे मलेशिया में पूछताछ कर सकती है।
#ZakirNaik says ED 'lying' on money laundering charges, asks agency to 'show spine' in treating his casehttps://t.co/ow8wHYy8rY
— ABP News (@ABPNews) May 10, 2019
जब उससे न्याय का आश्वासन पर मिलने पर भारत लौटने के बारे में पूछा गया तो नाइक ने कहा कि अगर भारत का उच्चतम न्यायालय आश्वासन देता है कि डॉक्टर जाकिर नाइक आए, उसे दोषी ठहराए जाने तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तो ही मैं भारत वापस आऊंगा।
Ready to return to India if not arrested till conviction: Zakir Naik https://t.co/feEOo2pGK7 #ZakirNaik
— Oneindia News (@Oneindia) May 9, 2019
जाकिर नाइक का नाम 1 जुलाई 2016 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक कैफे में हुए आतंकी हमले के बाद उछला था, जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उस पर आरोप लगाए थे। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के उस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई थी।
















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