आज यानी मंगलवार से रमजान का महीना शुरू हो रहा है. रमजान महीने में मुस्लिम लोग रोजा रखते हैं. जिसमें युवाओं से लेकर महिलाएं और बुजुर्ग दिनभर भूखे रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं. इस बार रमजान के महीने में बिहार सरकार ने मुस्लिम कैदियों के लिए विशेष व्यवस्था की है. जेल प्रशासन ने मुस्लिम कैदियों की सुविधा और विशेष इंतजाम को लेकर दिशा निर्देश जारी किया है.

रमजान के महीने में बिहार सरकार ने मुस्लिम कैदियों के लिए विशेष व्यवस्था की है. जेल आईजी मिथिलेश मिश्र ने बताया कि रमजान में मुस्लिम कैदियों को जेल के एक ही वार्ड में रखा जाएगा. इसके साथ ही सभी मुस्लिम कैदियों के वार्ड में पानी रखने के लिए मिट्टी के घड़े का इंतजाम किया जाएगा.
रमजान का पवित्र महीना शुरू होते ही जेल आईजी मिथिलेश मिश्र ने मीडिया से कहा कि रमजान में मुस्लिम कैदियों को जेल के एक ही वार्ड में रखा जाएगा. इसके साथ ही सभी मुस्लिम कैदियों के वार्ड में पानी रखने के लिए मिट्टी के घड़े का इंतजाम किया जाएगा.
सरकार ने इफ्तार के लिए केंद्रीय कारा में दो और मंडल कारा में एक चूल्हे का इंतजाम करने का निर्देश जारी किया है. ताकि इफ्तार और सेहरी के लिए व्यंजन तैयार करने में कोई दिक्कत नहीं हो. वहीं, जेल में नमाज पढ़ने के लिए चार कैदियों के बीच एक चादर उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही उन्हें एक-एक टोपी भी दिया जाएगा. केंद्रीय कारा में दो-दो और मंडल कारा में एक-एक पेटी कुरान शरीफ भी दिया गया है. साथ ही सबीना पढ़ाने के लिए बाहर से हाफिज का इंतजाम किया जाएगा.
जेल प्रशासन का कहना है कि रात में मुस्लिम कैदियों को जगाने की भी व्यवस्था की गई है. सारे निर्देशों का पालन करने के लिए राज्य में सभी जेल सुपरिटेंडेंट को निर्देश जारी किया गया है.
बता दें कि इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे पवित्र माना जाता है. रमजान के महीने में मुस्लिम लोग रोजा रखते हुए अल्लाधह की इबादत करते हैं. इस बार रमजान की शुरुआत 7 मई से हो रही है. रोजे रखने का मतलब सिर्फ भूखा रहना नहीं होता है, बल्कि यह खुदा ही नहीं खुद की भी इबादत है. रोजे रखने का अर्थ अपनी आदतों और अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण भी होता है.




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