देश में गणतंत्र दिवस पर भी सियासत हो रही है। मध्यप्रदेश में चुनाव हारने से बौखलाई बीजेपी सरकार ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में मध्यप्रदेश की झाँकी को शामिल करने से मना कर दिया है।

राजपथ पर मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान और छत्तीसगढ़ की झांकियां भी दिखाई नहीं देगी। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि PM मोदी ने तीनों राज्य से हार का बदला लिया है। उन्होंने सीएम से बात कर मामले की जांच कराई जाएंगी।
बता दें कि गणतंत्र दिवस की राजपथ पर होने वाली परेड के लिए मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की तरफ से महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर झांकी का आईडिया और एक छोटा डेमो बनाकर भेजा गया था। तीनों राज्यों की झांकियों के आइडिया को निरस्त कर दिया गया है बता दें कि एक के बाद एक झांकियों पर पुरस्कार जीत रहे छत्तीसगढ़ की झांकी इस बार राजपथ पर नहीं दिखेगी।
ये एक संयोग हो सकता है लेकिन एक हकीकत भी है, छत्तीसगढ़ की साल 2000 में अजीत जोगी के नेतृत्व में बनी पहली कांग्रेस सरकार के समय छत्तीसगढ़ की झांकी राजपथ पर नहीं दिखी थी। अब डेढ़ दशक बाद भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई तो फिर राज्य की झांकी रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति द्वारा रिजेक्ट कर दी गई। वहीं कांग्रेस ने झाँकी को परमिशन न देना तानाशाही का सबसे निम्नस्तर बताया है और मोदी सरकार की ‘घोर निंदा की है।
कांग्रेस का आरोप है कि, केंद्र की बीजेपी सरकार ने न सिर्फ़ मध्य प्रदेश की झाँकी को रोका है बल्कि जहाँ-जहाँ कांग्रेस ने हालिया विधानसभा चुनाव जीते हैं, वहाँ की झाँकियो को भी रोका है। यानी मध्यप्रदेश की झाँकी के साथ राजस्थान और छत्तीसगढ़ की झाँकी की प्रदर्शनी को भी रोक दिया है। उन्होंने कहा है कि BJP अपनी हार का बदला प्रदेश के गौरव से ले रही। प्रदेश की जनता इसके लिए उसे कभी माफ नहीं करेगी।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि- हार का बदला प्रदेश के गौरव से : “गणतंत्र दिवस परेड में शामिल झाँकी राज्यों का गौरव और जनता का मान, सम्मान और अभिमान होती है। मोदी ने मप्र, छग और राजस्थान की झाँकी को बाहर कर प्रदेश के शीश को रौंदने, कुचलने और अपमानित करने का घृणित और कुत्सित कार्य किया है।
—जनता माफ नही करेगी।“
गौरतलब है कि हर साल 26 जनवरी के दिन देश की राजधानी दिल्ली के राजपथ पर विभिन्न कार्यक्रम होते हैं। इसमें हर राज्य की और से सांस्कृतिक धरोहरों को संजोए झाँकियों की प्रदर्शनी करती है। इस बार गणतंत्र दिवस पर 90 मिनट की परेड होगी। परेड के मुख्य आकर्षणों में 58 जनजातीय अतिथि, विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के विभागों की 22 झाकियां होगी। गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा मुख्य अतिथि होंगे।




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