इटली के मिलान शहर में एक प्रदर्शनी में इस्राइल की उपस्थिति के ख़िलाफ़ लोगों ने रैली निकाली जिसमें सैकड़ों लोग शरीक हुए।
शनिवार को यह रैली आयोजित हुयी। इस रैली में भाग लेने वाले फ़िलिस्तीनी झंडा फहराते हुए मिलान के केन्द्रीय भाग की ओर बढ़ रहे थे और इस्राईल के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे। रैली में भाग लेने वाले नारा लगा रहे थे, ‘नेतनयाहू का आतंकी साम्राज्य’ ‘हम साम्राज्य और उसकी हिंसा के ख़िलाफ़ हैं।’ और ‘प्रतिरोध जारी रहेगा।’
इस रैली में भाग लेने वालों ने मिलान 2015 इक्सपो में इस्राईल की शिरकत को अस्वीकार्य कहा।
मिलान में फ़िलिस्तीनियों के समर्थक एक गुट के सदस्य फ़्रांसिस्को गियोरडानो ने कहा, “हमने यह प्रदर्शन, इस प्रदर्शनी और ख़ास तौर से इसमें इस्राईल की शिरकत के ख़िलाफ़ किया है।”
इस प्रदर्शन में भाग लेने वालों ने इसी प्रकार फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ इस्राईल के अपराध रुकने और फ़िलिस्तीनियों के साथ न्याय किए जाने की मांग की।
इटली में रहने वाली फ़िलिस्तीनी महिला सारह ने कहा, “ हम चाहते हैं कि बच्चे आज़ादी से रह सकें। क़बरों और जेलों की तादाद बहुत है। हम सामान्य ज़िन्दगी चाहते हैं।”
ज्ञात रहे 15 मई 1948 को इस्राइली सैनिकों ने 750000 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनियों को उनकी भूमि फ़िलिस्तीन से निकाला था। आज इन फ़िलिस्तीनियों की संख्या बढ़कर लगभग 50 लाख हो गयी है जो विदेशों में रहने पर मजबूर हैं। इसके बाद से इस्राइली शासन ने फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों को उनकी वतन वापसी के अधिकार से वंचित कर रखा है हालांकि संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्तावों और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के अनुसार, फ़िलिस्तीनियों को उनकी मात्र भूमि लौटने का अधिकार हासिल है।
इस वक़्त ज़ायोनी शासन की जेलों में 75000 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी क़ैद हैं जिनमें बहुत से ऐसे हैं जो किसी मुक़द्दमे के बग़ैर जेल में बंद हैं।
















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