ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अरफ़ा दिवस के अवसर पर हाजियों के नाम अपने संदेश में कहा है कि इस्लामी जगत की बड़ी समस्याओं का कारण विश्व साम्राज्यवाद की साज़िशें हैं जिनका समाधान खोजने की ज़रूरत है।
हाजियों के नाम आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई के संदेश को हज और ज़ियारत के मामलों में वरिष्ठ नेता के प्रतिनिधि सैय्यद अली क़ाज़ी असगर ने पढ़कर सुनाया। उन्होंने इस संदेश में क्षेत्र में हिंसा भड़काने वाली अमरीकी नीतियों और फ़िलिस्तीन में ज़ायोनी शासन के अत्यंत पाश्विक अपराधों की ओर संकेत किया और फ़िलिस्तीन को इस्लामी जगत का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए कहा कि हमें इसके बारे में विचार करना चाहिए और इसके संबंध में अपनी इस्लामी ज़िम्मेदारी को पहचानना चाहिए।
वरिष्ठ नेता का कहना था कि धर्मगुरुओं को साम्प्रदायिक मतभेदों को भड़काने, राजनीतिज्ञों को दुश्मनों से प्रभावित होने और विद्वानों को निरर्थक बातों में व्यस्त होने के बजाए इस्लामी जगत की मूल समस्या को पहचानना चाहिए और ईश्वर के निकट जो उनकी ज़िम्मेदारी है उसे स्वीकार करते हुए उसे पूरा करना चाहिए। हाजियों के नाम संदेश में वरिष्ठ नेता ने कहा कि इराक़, सीरिया, यमन, बहरैन, पश्चिमी तट व ग़ज्ज़ा और एशिया एवं अफ़्रीक़ा के अन्य देशों में घटने वाली हृदय विदारक घटनाएं इस्लामी जगत की बड़ी समस्याएं हैं। इन घटनाओं के पीछे विश्व साम्राज्यवाद की साज़िशों का पता लगाते हुए उनका समाधान खोजा जाना चाहिए।
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इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अपने संदेश में कहा है कि इस संबंध में राष्ट्रों को अपनी सरकारों पर दबाव डालना चाहिए और सरकारों को अपनी गंभीर ज़िम्मेदारियों को पूरा करना चाहिए। आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई ने कहा कि इन ऐतिहासिक ज़िम्मेदारियों पर विचार-विमर्श के लिए हज का विशाल समारोह बेहतरीन अवसर है और इस संदर्भ में हज का एक सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक अमल, बुराई के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना है तथा इस बहुआयामी अमल में सभी हाजियों का भाग लेना ज़रूरी है। msm



















