ज्ञात रहे कि कई महीनों तक परमाणु समझौते के बारे में दुष्प्रचार करने के बाद अमरीका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने 13 अक्तूबर को जेसीपीओए के बारे में सरकार की नई रणनीति की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि वे इस बात की पुष्टि नहीं करेंगे कि ईरान, जेसीपीओए के प्रति कटिबद्ध रहा है। ट्रम्प का यह कहना है कि इस बारे में फैसला, कांग्रेस करेगी।
ट्रम्प के इस फैसले पर विश्व के बहुत से देशों विशेषकर अमरीका के घटक देशों ने भी नकारात्मक प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं।
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