लंदन में शुक्रवार को दोपहर बाद इस्लामी गणतंत्र ईरान के दूतावास की इमारत पर कुछ लोगों ने हमला किया जो ख़ुद को शीराज़ी मत के समर्थक कह रहे थे।
इन लोगों ने अपने घटिया क़दम के तहत धार्मिक मूल्यों और इस्लामी गणतंत्र ईरान के ध्वज का, कि जिस पर इश्वर का नाम लिखा होता है, अपमान कर इस्लामी गणतंत्र ईरान के ख़िलाफ़ राजनैतिक हवा बनाने की कोशिश की।

ख़ुद को शीराज़ी मत का समर्थक कहने वालों ने मुसलमानों के बीच फूट डालने के लिए हज़रत आयशा और ख़लीफ़ाओं हज़रत अबू बकर, हज़रत उमर और हज़रत उस्मान के ख़िलाफ़ अपशब्द कहे।
इन तत्वों की प्रवृत्ति और उनके लक्ष्य का आधार इस्लाम से भटक चुकी विचारधाराए हैं, जिससे पता चलता है कि इस तरह के घटिया क़दम की कोई अहमियत नहीं है।
वास्तव में ये तत्व जो ख़ुद को शिया कहते हैं और ब्रिटेन में सक्रिय हैं, इस्लाम को नुक़सान पहुचाना चाहते हैं।
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जैसा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने इस गुट के इस कृत्य की प्रतिक्रिया में बल दिया कि ब्रितानी सरकार की यह ज़िम्मेदारी है कि वह ईरान के कूटनीतिज्ञों व दूतावासों की रक्षा करे, ईरान इस विषय को पूरी गंभीरता से उठाएगा और दूतावास पर अतिक्रमण करने वालों को सज़ा दिए जाने की मांग करता है।
Courtesy:parastoday.com



















