बहरैन | बहरैन में जेल में यातना और इलाज से रोकने से एक शख़्स की मौत, मानवाधिकार संगठनों से 5000 राजनैतिक क़ैदियों को रिहा कराने की अपील
बहरैन में आले ख़लीफ़ा शासन की जेल में एक जवान शख़्स की यातना और इलाज की सुविधा न मिलने से मौत हो गयी।

अलआलम के मुताबिक़, सय्यद काज़िम सय्यद अब्बास को 2015 में बहरैन के हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया और असामाजिक गतिविधियों के झूठे इल्ज़ाम में 10 साल क़ैद की सज़ा दी गयी। बहरैन के इस संघर्षील जवान की जेल में अत्यधिक यातना झेलने, कैंसर से पीड़ित होने और इलाज की सुविधा न मिलने से मौत हो गयी।
बहरैन का अलवेफ़ाक़ दल इस देश में राजनैतिक क़ैदियों को मुक्ति दिलाने के लिए सभी अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से तुरंत कार्यवाही करने की बारंबार अपील कर चुका है।
ग़ौरतलब है कि बहरैन में 2011 में जनक्रान्ति शुरु होने के बाद से इस देश में लगभग 5000 लोग राजनैतिक विचार व्यक्त करने पर जेल में बंद हैं।
बहरैन की जनता अपने देश में आज़ादी, न्याय की स्थापना, भेदभाव से दूरी और जनता द्वारा चुनी गयी सरकार चाहती है, लेकिन आले ख़लीफ़ा शासन सऊदी अरब और यूएई की मदद से बहरैन में जनक्रान्ति का दमन कर रहा है।



















