नई दिल्ली, : जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार की मुश्किलें अब बढ़ेंगी। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने अब उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है।

सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी। पिछले लोकसभा चुनावों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के रूप में, जिन्होंने बिहार की बेगम सराय सीट से चुनाव लड़ा था, पिछले विधानसभा चुनाव में केजरीवाल सरकार को कन्हैया कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं मिलने से काफी हंगामा हुआ था।
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— Sudharsan (@ssudhar91) February 28, 2020
कन्हैया कुमार के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति से संबंधित फाइल दिल्ली सरकार के गृह विभाग के पास रखी गई थी। फरवरी 2016 में JNU कॉम्प्लेक्स में भारत विरोधी नारे लगाने और नफरत फैलाने के आरोप में कन्हैया को लगभग एक साल पहले दिल्ली पुलिस ने बुक किया था। पुलिस ने कुमार पर देशद्रोह सहित आठ प्रावधान लगाए हैं।
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बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने पिछले साल 18 सितंबर को दिल्ली सरकार से एक महीने के अंदर कन्हैया और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर फैसला लेने को कहा था। अदालत ने कहा था कि देरी के कारण अदालत का समय बर्बाद हुआ है क्योंकि आरोप पत्र दायर किए जाने के बाद भी मामला बार-बार सूचीबद्ध और स्थगित किया जा रहा है।
सेडिशन केस में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट और त्वरित कार्रवाई की जरुरत इसलिए है ताकि देश को पता चल सके कि कैसे सेडिशन क़ानून का दुरूपयोग इस पूरे मामले में राजनीतिक लाभ और लोगों को उनके बुनियादी मसलों से भटकाने के लिए किया गया है।
— Kanhaiya Kumar (@kanhaiyakumar) February 28, 2020
गौरतलब है कि जेएनयू के पूर्व छात्र कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य सहित अन्य के खिलाफ आरोप है कि नौ फरवरी 2016 को जेएनयू परिसर में हुए कार्यक्रम में इन्होंने एक जुलूस की अगुवाई की और देशद्रोही

















