मार्च में पाकिस्तान में महंगाई दर पिछले पांच साल के शीर्ष स्तर 9.41 फीसदी पर पहुंच गई थी. अप्रैल में यह 8.8 फीसदी दर्ज की गई.
आर्थिक तंगी से जूझ रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान की हालत दिनोंदिन खराब हो रही है. पाकिस्तान का कर्ज़ 10 साल में 6 हजार अरब पाकिस्तानी रुपये से बढ़कर 30 हजार अरब रुपये तक पहुंच गया है. पाकिस्तान की बर्बादी को देखते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि हमारे पास कर्ज की किस्त चुकाने के डॉलर नहीं बचे हैं. ऐसे में पाकिस्तान कहीं दिवालिया न हो जाए. अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान का हाल वेनेजुएला जैसा हो जाएगा और पाकिस्तानियों को बोरियों में पैसे भरकर ले जाने पर रोटियां मिलेंगी.
पाकिस्तान ने IMF से 6 अरब डॉलर का कर्ज ले रखा है. कर्ज की शर्तों के तहत पाकिस्तान को कर राजस्व बढ़ाने समेत कई शर्तों को मानना पड़ा है.
सोमवार को राष्ट्र के संबोधन में इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान में टैक्स से 4 हज़ार अरब अरब रुपये सालाना इकट्ठा किए जाते हैं लेकिन आधी रक़म क़र्ज़ों की किस्तें अदा करने में चली जाती है. पीएम ख़ान का कहना है कि जितनी रक़म बचती है उसमें मुल्क का खर्चा नहीं चलाया जा सकता है.
Pakistan's main English language newspaper Dawn reduces its Sunday magazine pages from 12 to 4 citing a financial crunch
— omar r quraishi (@omar_quraishi) November 19, 2018
स्थिति से निपटने के लिए इमरान खान ने पाकिस्तानियों से 30 जून तक बेनामी संपत्ति और खातों का खुलासा करने की चेतावनी दी है. खुलासा नहीं करने वाले की संपत्ति जब्त कर ली जाएगी. अगर आप टैक्स नहीं देते तो हम देश को आगे नहीं ले जा सकेंगे. 30 जून के बाद आपको यह मौका नहीं मिलेगा.



















