अलीगढ़ : अलीगढ़ के टप्पल में ढाई साल की मासूम बच्ची की नृशंस हत्या के बाद यहां व्याप्त तनाव के बीच साध्वी प्राची को प्रशासन ने रोक दिया है। वह रविवार को पीड़ित परिवार से मिलने टप्पल जाना चाहती थीं, लेकिन प्रशासन ने तनावपूर्ण हालात को देखते हुए उन्हें सीमा पर ही रोक दिया और चेतावनी भी दी कि अगर किसी ने माहौल खराब करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने बताया कि साध्वी प्राची टप्पल जाना चाहती थीं, लेकिन हालात को देखते हुए उन्हें सीमा पर ही रोक दिया गया। उन्होंने साफ कहा, ‘जो भी व्यक्ति माहौल खराब करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’ उन्होंने इलाके में बढ़ते तनाव के बीच कुछ मुस्लिम परिवारों के पलायन से संबंधित रिपोर्ट्स को भी खारिज किया।
इससे पहले स्थानीय नागरिकों के हवाले आई खबरों में कहा गया था कि बढ़ते तनाव के बीच कुछ मुस्लिम परिवार यहां से चले गए हैं। हालांकि एसपी कुलहरि ने इन खबरों को गलत बताया। तनावपूर्ण माहौल के बीच यहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है तो रविवार को सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च भी किया। वहीं इस मुद्दे पर बुलाई गई महापंचायत को भी रद्द कर दिया गया है।
वहीं, यमुना एक्सप्रेसवे के पास जेवर टोल प्लाजा पर रोके जाने के बाद फायरब्रांड दक्षिण-पंथी नेता ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उनकी इस संबंध में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से बात हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि कैंडल जलाने का कोई मतलब नहीं है, बल्कि दोषियों को फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए या केरोसिन छिड़कर उन्हें आगे लगा देनी चाहिए।
इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 31 मई से ही लापता बच्ची का शव 2 जून को कूड़ेदान से क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। इस नृशंस हत्याकांड के पीछे पैसों के लेन-देन को वजह बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि बच्ची के पिता ने संभवत: 10 हजार रुपये का कर्ज नहीं चुकाया था, जिसके कारण आरोपी ने मासूम की निर्मम तरीके से हत्या कर दी।
















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