अली हसनैन आब्दी फ़ैज़
राज्य सरकार ने मंगलवार को हिंडन किनारे जीटी रोड स्थित हज हाउस को सील कर दिया है।मालूम हो कि गाजियाबाद के हज हाउस को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) के आदेश पर परिसर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट(एसटीपी) न होने के कारण सील कर दिया है।बोर्ड ने इस बात की जांच की और पाया कि बिना एसटीपी दूषित जल का निस्तारण संभव नहीं है। बता दें कि बोर्ड की रिपोर्ट के बाद एनजीटी ने हज हाउस को सील करने का आदेश दिया। एसटीपी का निर्माण होने के बाद ही हज हाउस को खोल दिया जाएगा।

सिटी मजिस्ट्रेट का कहा है कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने एक याचिका का निस्तारण करते हुए प्रदूषण बोर्ड को जांच करने का आदेश दिया था कि हज हाउस परिसर में एसटीपी न होने की वजह से इससे निकलने वाला पानी कहां जाएगा।
निर्माण की शुरुआत से ही विवाद में रहे यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट हज हाउस को प्रशासन और प्रदूषण विभाग की टीम ने मंगलवार दोपहर सील कर दिया।
एनजीटी के आदेश पर हज हाउस को एसटीपी ना होने की वजह से सील किया गया है। एसटीपी का निर्माण होने के बाद हज हाउस को खोला जा सकता है। -प्रदीप दूबे, सिटी मजिस्ट्रेट
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने 6 फरवरी को बिना एसटीपी हज हाउस को सील करने का आदेश दिया था। आज उसी पर अमल किया गया है।- अशोक कुमार तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
हज हाउस एक नजर में
30 मार्च 2005 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने शिलान्यास किया।
05 सितंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उदघाटन किया।
51.30 करोड़ रुपए की लागत से बना है हज हाउस।
1886 यात्री एक बार में हज हाउस में ठहर सकते हैं।
47 डोरमेट्री हैं हज यात्रियों में ठहरने के लिए।
36 वीआईपी कमरे बनाए गए हैं।
















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