नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी तीन दिन के भारतीय दौरे पर हैं। दो दिन के हैदराबाद दौरे के बाद रुहानी नई दिल्ली राष्ट्रपति भवन पहुंचे जहां उन्होने राष्ट्रपति कोविंद और प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। जानकारों के अनुसार रुहानी के इस दौरे को दोनो देशों के बीच अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम मोदी से राष्ट्रपति भवन में मिले। राष्ट्रपति रूहानी का यह दौरा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भारत दौरे के करीब एक महीने के बाद हुआ है। इसे भारत की तरफ से साथ संतुलन बनाने की दिशा के तौर पर देखा जा रहा है।
On sidelines of the bilateral meeting between PM @narendramodi and Iranian President Dr. Rouhani, agreements were signed in areas like double taxation avoidance, extradition, agricultural cooperation, port lease, medicine and others. List at https://t.co/6tzYJSOF37 #DustemanIran pic.twitter.com/appJIO6kvw
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) February 17, 2018
सुबह विदेश मंत्री सुषमा स्व्राज ने रूहानी से भेंट कर उनसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी।मोदी साल 2016 में ईरान दौरे पर गए थे। बीते 10 सालों में ईरान के किसी राष्ट्रपति का यह पहला भारत दौरा है।
बता दें कि अपने दौ दिवसीय हैदराबाद दौरे पर रुहानी ने अपने विशाल तेल और गैस संसाधनों को भारत के साथ साझा करने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने और वीजा नियमों को आसान बनाने की इच्छा जाहिर की है।
रुहानी का कहना है कि खाड़ी देश चाबहार बंदरगाह में पाकिस्तान को दरकिरनार करते हुए ईरान और अफगानिस्तान के साथ मध्य एशियाई देशों और यूरोप के साथ भारत के व्यापार के रास्ते खोलेगा। आपको बता दें कि चाबहार बंदरगाह रणनीतिक रुप से ईरान और भारत दोनो के लिए महत्वपूर्ण है।



















