पेरिस/रक्का: पेरिस में आतंकी हमले के 48 घंटे बाद ही फ्रांस ने आतंकी संगठन ISIS को करारा जवाब दिया है। फ्रांस की सेना ने 10 फाइटर प्लेन से सीरिया के रक्का में ISIS के आतंकी अड्डों पर जबरदस्त बमबारी की है। अमेरिकी सेना की मदद से की गई इस कार्रवाई में ISIS के कमांड पोस्ट और ट्रेनिंग कैंप को ध्वस्त किए जाने की खबर है।
गत शुक्रवार को पेरिस में हुए आतंकी हमलों के बाद फ्रांस की ओर से यह पहली बड़ी कार्रवाई है। बर्बर आतंकी संगठन रक्का को अपनी कथित राजधानी बताता है। फ्रांस के रक्षा मंत्री के मीडिया एडवाइजर के मुताबिक, फाइटर प्लेन ने जिन ठिकानों पर बमबारी की उनमें एक कमांड सेंटर, एक रिक्रूमेंट सेंटर, आयुध भंडार और ट्रेनिंग कैंप शामिल है। इस हमले के लिए फाइटर प्लेन ने यू.ए.ई. और जॉर्डन से उड़ान भरी थी।
अधिकारी ने बताया कि इस कार्रवाई में 20 बम गिराए गए और सभी चिन्हित केंद्रों को नष्ट कर दिया गया है। दूसरी ओर, ISIS के मीडिया विंग का कहना है कि हवाई हमले से पहले ही उसने सभी केंद्रों को खाली कर दिया था, लिहाजा उसे किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। गौरतबल है कि ISIS ने ही पेरिस हमलों की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 132 तक पहुंच गई है।
इस हमले में बड़ा खुलासा ये हुआ है कि 3 फिदायीन हमलावर पेरिस में फ्रांस नेशनल स्टेडियम में घुसना चाहते थे लेकिन ऐसा करने में नाकाम रहने पर उन्होंने खुद को बारूद से उड़ा दिया। उस वक्त स्टेडियम में 80 हजार दर्शक थे, जो फ्रांस जर्मनी का फुटबॉल मैच देख रहे थे। स्टेडियम में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वां ओलांद भी मौजूद थे। पेरिस हमले में अब तक बेल्जियम से 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बेल्जियम पुलिस ने खुलासा किया है कि पेरिस हमले में तीन भाई शामिल थे। इनमें एक की पेरिस हमले में मौत हो गई, जबकि दूसरे को गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरे के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। पुलिस ने एक संदिग्ध आतंकी की तस्वीर जारी की है। 26 साल के इस आतंकी का नाम है सालाह अब्देल्साम. पुलिस के मुताबिक इसने बाटाक्लान हमले में शामिल कार को आतंकियों को दिया था।




















