जनरल सैयद मसऊद जज़ाएरी ने अल-आलम से बातचीत में दाइश के खिलाफ अमेरिकी गठबंधन को बहुत हास्यास्पद और सबसे बड़ा झूठ बताया और कहा कि दाइश के खिलाफ़ अमेरिकी गठबंधन सबसे बड़ा झूठ है और उसका उद्देश्य क्षेत्र में ज़ायोनी शासन के विरुद्ध प्रतिरोध को नुकसान पहुंचाना है।
अहलेबैत समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार जनरल सैयद मसऊद जज़ाएरी ने अल-आलम से बातचीत में दाइश के खिलाफ अमेरिकी गठबंधन को बहुत हास्यास्पद और सबसे बड़ा झूठ बताया और कहा कि दाइश के खिलाफ़ अमेरिकी गठबंधन सबसे बड़ा झूठ है और उसका उद्देश्य क्षेत्र में ज़ायोनी शासन के विरुद्ध प्रतिरोध को नुकसान पहुंचाना है।
इस्लामी रिपब्लिक ईरान के इस उच्च सैन्य अधिकारी ने कहा कि अमेरिकियों ने तकफ़ीरी आतंकवादी समूह दाइश को हथियारों के कई खेप दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह बात की भी संभावना है कि अमेरिका घोषणा कर दे कि उन्होंने ग़लती से दाइश को हथियार दिए हैं। जनरल मसऊद जज़ाएरी ने कहा कि अमेरिका ने क्षेत्र में ज़ायोनी शासन के विरुद्ध प्रतिरोध नष्ट करने और उनमें मतभेद फैलाने के लिये बड़ी कोशिशें की हैं और आज भी विभिन्न समूहों विशेषकर क्षेत्र के देशों में विभिन्न समूहों के बीच मतभेद डाल कर यह लक्ष्य प्राप्त करना चाहता है।
जनरल मसऊद जज़ाएरी कहा कि अमेरिका क्षेत्र के संचार और इंटेलिजेंस सिस्टम पर पूरा वर्चस्व रखता है और इसमें दाइश के कंट्रोल वाले क्षेत्र भी शामिल हैं इसलिए जब अमेरिका के पास सेटेलाइट से प्राप्त जानकारी तो यह कैसे संभव है कि अमेरिका कुर्दों को हथियार भेजने में ग़ल्ती कर बैठे। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब भी खुल्लम खुल्ला आतंकवादियों का समर्थन कर रहा है और उन्हें तरह तरह के नवीनतम हथियारों से लैस कर रहा है।
















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