शामली/मेरठ (उत्तर प्रदेश). बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा बछड़ा चोरी के आरोप में एक मुसलमान की पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इससे क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव है। बीजेपी से जुड़े संगठन और जमीयत-उलेमा-हिंद एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने वहां पुलिस फोर्स तैनात कर दी है। एसपी विजय भूषण ने बताया कि जिन लोगों ने वीडियो वॉट्सऐप पर लोड की थी उनकी तलाश की जा रही है। इसे धार्मिक भावना भड़काने के मामले के तौर पर देखा जा रहा है।

शामली के बेनत इलाके में रहने वाले रियाज (42) की स्थानीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बीते 25 जून को बछड़ा चोरी करने का आरोप लगाकर पिटाई की थी। आरोप है कि रियाज को मुर्गा भी बनाया गया था। पुलिस ने रियाज को चोरी और पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, बजरंग दल के जिला संयोजक सहित छह लोगों के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया गया था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि रियाज बछड़े को स्लाटर हाउस ले जा रहा था। एफआईआर के मुताबिक, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बछड़ा पालन केंद्र से रियाज को बछड़ा चुराते हुए पकड़ा था। उसके साथ दो अन्य लोग भी थे।
इस मामले में बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल के कार्यकर्ता तीखे तेवर दिखा रहे हैं तो वहीं जमीयत उलेमा हिंद ने रियाज के ऊपर से केस हटाने और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के लिए प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जमीयत उलेमा और रिहाई मंच नामक संगठन का कहना है कि रियाज बेगुनाह है और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसे पुलिस की मौजूदगी में पीटा है।



















