भारत ने अपने पहले खगोल अनुसंधान उपग्रह एस्ट्रोसेट का सोमवार को सफल प्रक्षेपण किया।
श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से पी.एस.एल.वी. सी-30 यान एस्ट्रोसेट को लेकर स्थानीय समय के अनुसार दस बजे रवाना हुआ और आधे घंटे से कम में उसने इसे पृथ्वी की भूमध्य रेखीय कक्षा में स्थापित कर दिया। एक हज़ार 531 किलोग्राम का यह उपग्रह पांच वर्ष तक कार्य करेगा। पी.एस.एल.वी. सी-30 ने अमरीका, कैनैडा और इंडोनेशिया सहित छह अन्य देशों के छोटे उपग्रहों को भी प्रक्षेपित किया।
निर्धारित कक्षा में एस्ट्रोसैट की सफल स्थापना से भारत ने अंतरिक्ष में अपनी वेधशाला पहुंचा दी है जो अंतरिक्ष अनुसंधान यात्रा में भारत के लिए एक और मील का पत्थर है। इसरो के अध्यक्ष ने इस अवसर पर वैज्ञानिकों को बधाई दी।


















