मुंबई। फिल्म ‘सहिया’ के प्रमाणन को लेकर चल रहे विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को 27 अक्टूबर 2026 तक अंतिम फैसला लेने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।
निर्माता-निर्देशक संजय शर्मा की ओर से दायर याचिका पर हुई सुनवाई में उनके पक्ष की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए, अधिवक्ता एस0एम0हैदर रिज़वी ने बॉम्बे उच्च न्यायालय एवं अधिवक्ता ताल्हा अब्दुल रहमान ने ऑनलाइन माध्यम की। निर्माता की ओर से अदालत में कहा गया कि फिल्म के प्रमाणन के लिए 30 मई 2026 को आवेदन किया गया था, लेकिन प्रक्रिया कई महीनों तक चलने के बाद भी फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं मिल सका।
जानकारी के मुताबिक, जुलाई में फिल्म की पहली स्क्रीनिंग हुई और अगस्त में इसे रिवाइजिंग कमेटी के सामने रखा गया। 27 अगस्त को फिल्म को प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया गया। रिपोर्टों में प्रमाणन से इनकार के पीछे फिल्म में हिंसा के महिमामंडन और असामाजिक गतिविधियों से संबंधित आपत्तियों का उल्लेख है।
सुनवाई के दौरान CBFC की ओर से अदालत को बताया गया कि 23 अक्टूबर को रिवाइजिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। निर्माता की ओर से इसका विरोध इस आधार पर किया गया कि केवल कमेटी के गठन की तारीख तय होने से अंतिम निर्णय की समय सीमा स्पष्ट नहीं होती। इसके बाद अदालत ने बोर्ड को 27 अक्टूबर तक अंतिम आदेश जारी करने का निर्देश दिया।
निर्माता का क्या कहना है?
संजय शर्मा का कहना है कि ‘सहिया’ हिंसा का समर्थन या महिमामंडन करने वाली फिल्म नहीं है, बल्कि झारखंड की पृष्ठभूमि में बनी एक मानवीय कहानी है। उनके अनुसार फिल्म एक नवविवाहित दंपती के जरिए हिंसा, भय और संघर्ष के बीच आम लोगों की जिंदगी और रिश्तों को सामने रखती है।
दूसरी ओर, प्रमाणन से जुड़ी आपत्तियों को लेकर अंतिम फैसला अभी CBFC को करना है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि फिल्म को प्रमाणपत्र मिलेगा या किन शर्तों के साथ मिलेगा।
अब निगाहें 27 अक्टूबर पर हैं। उस दिन CBFC का अंतिम फैसला सामने आएगा और 2 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में अगली सुनवाई में इस फैसले पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।


















