कोलंबो। रविवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एक के बाद एक आठ बम धमाकों व आत्मघाती हमले हुए। ईसाइयों के पर्व ईस्टरपर विभिन्न चर्च और पांच सितारा होटलों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में पांच भारतीयों सहित 290 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 450 से अधिक लोग घायल हो गए।

इस हमले के बाद सरकार ने संपूर्ण देश में कर्फ्यू लगा दिया है। साथ ही सोशल मीडिया साइट्स जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब आदि पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
राष्ट्रपति के सलाहकार हरिन्द्र दासनायके ने बताया कि यह सरकार का एकतरफा निर्णय था। इस चिंता के साथ इसे लागू किया गया था कि हमले के बाद बड़े पैमाने पर गलत सूचना, अभद्र भाषा और हिंसा की अतिरिक्त और घटनाएं न बढ़ जाएं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रतिबंध कब हटा लिया जाएगा।
यह कदम देश में अभूतपूर्व नहीं है। इससे पहले पिछले साल दंगों की गलत खबरों से फेसबुक भर दिया था और तब भी उसे अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था। श्रीलंका की सरकार की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने हाल के वर्षों में गलत सूचना के प्रसार में अपनी भूमिकाओं को लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
बताते चलें कि श्रीलंका में हुए आत्मघाती आतंकी हमले में मरने वालों में 33 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनमें पांच भारतीयों के मरने की भी पुष्टि हो चुकी है। यह श्रीलंका के इतिहास में सबसे भयावह हमला माना जा रहा है। इस मामले में 24 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है।



















