उच्चतम न्यायालय द्वारा अयोध्या भूमि विवाद मामले में फैसला अगले महीने देने की संभावना के बीच राकांपा प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को कहा कि ‘कुछ ताकतें’ देश में स्थिति का लाभ उठाते हुए समुदायों के बीच दरार डालने की कोशिश कर सकती हैं।

दशकों पुराने भूमि विवाद का हवाला देते हुए पवार ने कहा कि राम जन्मभूमि देश के बड़े तबके के लोगों के लिए आस्था का विषय है। वहीं, 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने को लेकर देश के अल्पसंख्यकों में अलग तरह की भावना है।
पवार ने कहा, ‘‘मैं अल्पसंख्यकों में यह भावना देखता हूं कि न्यायपालिका जो भी फैसला देगी, वे स्वीकार करेंगे। समाज में शांति बनी रहे, इसके लिए कदम उठाने की जरूरत है।’’
Fasten your seat belts as a slew of judgments on high-voltage cases awaits pronouncement by India’s most celebrated Chief Justice till date, CJI Ranjan Gogoi before he rides off into the sunset.#Ayodhya#Sabarimala #Rafale #FinanceAct #RahulGandhi https://t.co/ez2DfzZtiZ
— Shrinjan Rajkumar Gohain (@ShrinjanGohain) October 29, 2019
उन्होंने कहा कि इस मौके का फायदा कुछ ताकतें उठा सकती हैं और समुदायों में दरार डालने की कोशिश कर सकती हैं। हालांकि, राकांपा नेता ने ‘ताकत’ का नाम नहीं लिया। अयोध्या भूमि विवाद मामले में शीर्ष अदालत ने 16 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।



















