एम.एफ. हुसैन की पेंटिंग ₹65 करोड़ में नीलाम, अनुमान से कई गुना ज्यादा लगी बोली
मुंबई। मशहूर भारतीय चित्रकार एम.एफ. हुसैन की 1952 में बनाई गई पेंटिंग ‘द रेड गर्ल’ ने कला-जगत में एक बार फिर हुसैन की अहमियत और उनकी कला की बढ़ती कीमत को सामने ला दिया है। मुंबई में हुई एक नीलामी में यह पेंटिंग ₹65 करोड़ में बिकी।
खास बात यह रही कि नीलामी से पहले इस पेंटिंग की अनुमानित कीमत महज ₹3 से ₹5 करोड़ के बीच रखी गई थी। अंतिम कीमत अनुमान से कई गुना अधिक पहुंची।
हुसैन के शुरुआती दौर की कृति
‘द रेड गर्ल’ हुसैन के शुरुआती दौर की महत्वपूर्ण कृतियों में गिनी जाती है। 1952 में बनाई गई यह ऑयल ऑन कैनवास पेंटिंग भारतीय परंपरा और आधुनिक चित्रकला के बीच हुसैन की अपनी शैली को दर्शाती है।
पेंटिंग में लाल रंग की स्त्री आकृति को बेहद सादे लेकिन प्रभावशाली अंदाज़ में पेश किया गया है। कला विशेषज्ञ इसके रूप और रंगों में भारतीय मूर्तिकला, विशेषकर प्राचीन यक्षी परंपरा, की छाप देखते हैं।
सिर्फ रंग नहीं, भारतीय कला की स्मृति
‘द रेड गर्ल’ का लाल रंग केवल सौंदर्य का हिस्सा नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसमें भारतीय मूर्तिकला में इस्तेमाल होने वाले लाल बलुआ पत्थर और प्राचीन भारतीय कला की दृश्य-स्मृतियों की झलक मिलती है।
हुसैन ने भारतीय परंपरा को ज्यों का त्यों उतारने के बजाय उसे अपनी आधुनिक और विशिष्ट चित्र-भाषा में ढाला। यही उनकी कला की सबसे बड़ी पहचान रही।
₹3–5 करोड़ से सीधे ₹65 करोड़
नीलामी का सबसे दिलचस्प पहलू इसकी कीमत रही। जिस कृति का अनुमान ₹3–5 करोड़ लगाया गया था, उसके लिए आखिरकार ₹65 करोड़ की बोली लगी। इससे पता चलता है कि भारतीय आधुनिक कला के प्रमुख कलाकारों की शुरुआती और दुर्लभ कृतियों की मांग किस स्तर तक पहुंच चुकी है।
एम.एफ. हुसैन की कला भारत के आधुनिक कला इतिहास का अहम हिस्सा है और उनकी शुरुआती कृतियां संग्रहकर्ताओं के लिए खास महत्व रखती हैं।
‘द रेड गर्ल’ की नीलामी इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यह सिर्फ एक महंगी पेंटिंग की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय आधुनिक कला के बढ़ते वैश्विक और घरेलू बाजार की भी कहानी है।

















